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अनिल वर्मा - जानें गणतंत्र दिवस का इतिहास और महत्व

भारत का सर्वप्रमुख राष्ट्रीय पर्व है "गणतंत्र दिवस", जो हर वर्ष 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है. देशभर में आनंद और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व हमारे लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक है. वर्ष 1950 में आज के ही दिन भारतीय सरकार ने हमारे संविधान को लागू किया था और 26 जनवरी के दिन को चुनने का कारण था कि वर्ष 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था.

देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व हमारी गणतांत्रिक गरिमा को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है, देश के विभिन्न कार्यालयों, विद्यालयों इत्यादि में आज के दिन तिरंगा लहराया जाता है और रंगारंग कार्यक्रम पेश किये जाते हैं, लेकिन आज के दिन राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस की छटा बेहद मनोरम होती है. प्रति वर्ष गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में भव्य परेड का आयोजन किया जाता है, जो इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक जाती है. इस परेड के दौरान थलसेना, वायुसेना और नौसेना के जवान शामिल होते हैं और इन तीनों सेनाओं के प्रमुख राष्ट्रपति को सलामी देते हैं. इसके साथ ही तीनों सेनाएं आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन भी करती हैं, जो राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस परेड के दौरान विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थी भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन करते हैं और देश के बहुत से राज्य व विभाग भी अपने क्षेत्र की भव्य झांकियां प्रस्तुत करते हैं. यह विहंगम दृश्य देखने हजारों की संख्या में जनता इंडिया गेट पहुंचती है.

जितना अनूठा भारत का गणतंत्र है, उतनी ही अनूठी हमारी अनेकता में एकता की प्रदर्शनी भी है, जिसके गवाह हम प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर बनते हैं. तो आइये इसी अद्भुत विविधता में एकता के प्रतीक अपने देश को, अपनी सेना को सलाम करते हुए देश का गौरव बढ़ाये. इन्हीं शुभकामनाओं के साथ आप सभी देशवासियों को समस्त भारतीय जनता दल परिवार की ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ.

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